ट्रस्ट के लक्ष्य एवं उद्देश्य
"स्वामी आत्मानन्द प्रतिष्ठान" का गठन निम्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया गया है ।
1) छत्तीसगढ़ के विख्यात संत स्वामी आत्मानन्द जी के द्वारा प्रचारित भावधारा को आम जनता के मध्य प्रचारित एवं प्रसारित करना, विशेषकर उनके द्वारा किए गए कार्यों को युवा वर्ग के सामने एक आदर्श के रूप में रखना, साथ ही जनसामान्य के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का बिना किसी जाति , लिंग या समुदाय के प्रोत्साहन करना ।
2) उपरोक्त गतिविधियों के संचालन के लिए अनुसंधान केंद्र की स्थापना, जमीन का आबंटन कराना, आवश्यकतानुसार भवन का निर्माण करना और उसे सुसज्जित करना ।
3) शैक्षणिक गतिविधियों के लिए विद्यालय एवं विद्यार्थी भवनों का निर्माण करना तथा उन्हें संचालित करना ।
4) विशिष्ट विद्यार्थियों के लिए पुरस्कारों का वितरण, छात्रवृत्ति का प्रबंध, निःशुल्क आवास की व्यस्था करना ।
5) समाज के आध्यात्मिक उन्नति के लिए विभिन्न संतों के प्रवचनों का आयोजन करना ।
6) वाचनालय और ग्रंथालयों का निर्माण एवं व्यस्था करना ।
7) ऐसी विभिन्न गतिविधियों का संचालन करना जिससे समाज के पीड़ित और दुखी मानवता की सेवा हो सके ।
8) विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं का गांवों में विशेष अवसर पर कैंप लगाकर जनसामान्य को मदद देना एवं ट्रस्ट कमेटी द्वारा अनुमोदित अन्य कार्यों का समय–समय पर संपादन करना ।
9) स्वामी आत्मानन्द एवं उनके विचारों के अनुकूल साहित्य का प्रकाशन एवं विक्रय की व्यस्था करना ।